क्योंकि जब मैं रोता हूँ तो ये कभी नहीं हस्ता…!!!
फूंक डालुंगा मैं किसी रोज दिल की दुनिया,
रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया
“कभी खुद से भी इतना बेगाना हुआ है तू?” ️
वही सबसे पहले हमारे विश्वास को तोड़ जाते हैं।
जख्म दिल के पुराने, दर्द अभी भी ताज़ा है,
हर शाम ढल जाती है… बस उसके कदमों की आहट बची रह जाती है।
ख्वाबों की दुनिया में कभी सुकून न मिले।
मोहब्बत है या नशा था जो भी था कमाल का था
क्या कहें जनाब… यहाँ ज़िन्दगी भी कफ़न ओढ़कर जीनी पड़ती है,
मुझे इसलिए बनाया उस भगवान ने, क्योंकि वो देखना चाहते थे, इंसान किस हद तक दर्द सह सकता है…!
ये नज्में गजले छोड़ो तुम्पर किताब लिख देता हु…!!!
पर खुशियाँ अब दिल में कहीं नहीं मिलती।
और कब आएगा वो दिन… बस Sad Shayari in Hindi उसी दिन को याद करते रहते हैं।